!! के तू है कहाँ !!
ये आँखे, आज भी,
तेरी आँख को तरसे,
ये साँसे, आज भी,
तेरी ही सांस को तडपे,
पूछे हर पल,
हर दिल से ये दिल,
के तू है कहाँ,
के तू है जहाँ,
महसूस कर....
मेरी हर आहट वहाँ,
तेरे माथे आई क्या,
मेरे अधरो की छुवन वहाँ!!
_कवि दीपक दीप_
_© Copy Right ║█║│█║█║█║║█║█║║
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