Tuesday, June 5, 2012

!! सिर्फ़ दिल !!

कुछ तो खास है,
कुछ तो बात है,

सिर्फ़ दिल ही है,
यही अपना सा है,

दिल बड़ा सच्चा है,
दिल एक बच्चा है,

सिर्फ़ दिल ही उमंग है,
दिल ही तो तरंग है,

दिल जो अपना तुम्हारा है,
कहो तो वो भी हमारा है,

दिल चाहत से भरा है,
सिर्फ़ दिल ही तो....

मासूम मोहब्बत से भरा है,
सिर्फ़ समंदर सा बड़ा है,

दिल हमारा सज़ा खड़ा है,
यही तो एक अहसास है,

दिल से महको तुम,
दिल से चहको तुम,

दिल का अंदाज निराला,
दिल गीत है,

दिल ग़ज़ल है,
दिल कलम है,

दिल से दिल के लीये,
दिल से लिखे शब्द,
दिल से लिखे शब्द!!

__कवि दीपक दीप (दीपक पांचाल)__
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