Tuesday, June 5, 2012

!! शबाबी अदा !!

आईना टूट जाएगा,

देख तेरी शबाबी अदा,

यूँ ना देख हमे,

अपनी नशीले नज़रो से,

गर जो हम पी गये,

तेरी अधरो का जाम,

होश मे ना तू होंगी,

होश मे ना हम होंगे!

_कवि दीपक दीप__

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