क्या खूब लिखती हो,
क्या अदब लिखती हो,
जब भी लिखती हो,
लाजवाब लिखती हो,
कभी प्यार लिखती हो,
कभी अहसास लिखती हो,
तुम हर बार...
मेरे दिल की..हर बात लिखती हो,
तुम एक नया अंदाज़ लिखती हो,
जशन ए बहार लिखती हो,
तुम कभी तकरार लिखती हो,
कभी हमारा करार लिखती हो,
तुम फुलो का रंग लिखती हो,
कभी ऑश की ठंडक लिखती हो,
तुम मिलन लिखती हो,
तुम सिरहन लिखती हो,
तुम अपने होटो की प्यास लिखती हो,
लिखती हो तो केवल, नशा लिखती हो,
तुम हर बार सारी कायनात्त लिखती हो,
अपने मिलन की हर बात तुम लिखती हो,
तुम्हारी हर बात मे बात है,
लिखने के अंदाज़ मे एक बात है,
इसलिए तो...
क्या खूब लिखती हो,
क्या अदब लिखती हो,
जब भी लिखती हो,
लाजवाब लिखती हो!!
क्या अदब लिखती हो,
जब भी लिखती हो,
लाजवाब लिखती हो,
कभी प्यार लिखती हो,
कभी अहसास लिखती हो,
तुम हर बार...
मेरे दिल की..हर बात लिखती हो,
तुम एक नया अंदाज़ लिखती हो,
जशन ए बहार लिखती हो,
तुम कभी तकरार लिखती हो,
कभी हमारा करार लिखती हो,
तुम फुलो का रंग लिखती हो,
कभी ऑश की ठंडक लिखती हो,
तुम मिलन लिखती हो,
तुम सिरहन लिखती हो,
कभी कभी__
तुम अपने होटो की प्यास लिखती हो,
लिखती हो तो केवल, नशा लिखती हो,
तुम हर बार सारी कायनात्त लिखती हो,
अपने मिलन की हर बात तुम लिखती हो,
तुम्हारी हर बात मे बात है,
लिखने के अंदाज़ मे एक बात है,
इसलिए तो...
क्या खूब लिखती हो,
क्या अदब लिखती हो,
जब भी लिखती हो,
लाजवाब लिखती हो!!

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