Tuesday, November 8, 2011

!! हम आपकी परछाईयो मे भी खूबसूरत अहसास भर देंगे !!

नायक: पीछे पीछे चलूँगा, आप सोच लेना.
            अकेली चल रही हूँ,
            मैं सोचूँगा आप बस 2 कदम आगे हो,
            कम से कम साथ तो चल रहा हूँ आपके,
            आप आगे हो या साथ मे, क्या फ़र्क पड़ता है,

नायिका: हमे तो अपनी ही परच्छाई से भी डर लगता है ...

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नायक :
हम आपकी परछाईयो मे भी खूबसूरत अहसास भर देंगे,

आपके..हर एक..एक..कदम पे..मादक..और..लुभावना..प्यार भर देंगे,

डूब जाओगी..इन अहसाहो मे,
आपके..हर अंग मे नशा ऐसा भर देंगे,

आपके रसीले होटो से टपकती शबनम की कसम,
आपके...होटो मे अपने अधरो का रस हम भर देंगे,

आपकी हर अंगड़ाई, हर परछाई मे हम,
अपनी बेकरारी ओर चाहत भर देंगे,

सो ना पाओगे, रात भर, हमारे बिना..
ऐसी आदत तुम्हारे अंदर भर देंगे,

आपके कोमल मरम्स्पर्शि गालो पे...
हम अपने होने की निशानी भर देंगे,

डूब जाओगे.. हमारी आँखो मे,
आपको नैनो मे मादक नशा हम भर देंगे,

हमारी एक एक छुवन से, पलके आपकी झुक जाएँगी,
ऐसी प्यार भरी पिचकारी, हम आपके अंदर भर देंगे,

खो ना जाना मेरी बातों मे,
आपको अपनी बाहों मे भर लेंगे,

____कवि दीपक दीप (दीपक पांचाल)____




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