मैं एक कवि हूँ,
अपने विचार-धारा को कलम से काग़ज़ के पन्नो पे लिखता हूँ !
मैं बार बार लिखता हूँ, सीधे ह्रदया पे लिखता हूँ !
ह्रदया पे लिखता हूँ, दिमाग़ पे लिखता हूँ !
एक प्रेमी के सोचने का ढंग लिखता हूँ !
प्रेमिका की मुस्कान लिखता हूँ !
मैं कभी , एक ग़रीब की सचाई लिखता हूँ !
तो कभी एक अमीर का दर्द लिखता हूँ !
मैं मुखहोटे के पीछे असली चेहरे को लिखता हूँ !
मैं कभी किसी मा का लाल लिखता हूँ !
तो कभी, किसी की बेटी के दास्तान लिखता हूँ !
मैं बंदूक की गोली लिखता हूँ !
तो कभी, किसी के सिंदूर की कीमत लिखता हूँ !
मैं ज़मीन लिखता हू, आसमान लिखता हूँ !
मैं कभी आग लिखता हूँ, तो कभी पानी की बोछर लिखता हूँ !
अपनी कलम से बस सचाई लिखता हूँ !
सोते जागते "मेरा भारत महान" लिखता हूँ !
_____जय हिंद_____
___(दीपक पांचाल___
Jo bhi likhte hain khoob likhte hain...jaihind
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